IND vs BAN: भारतीय टीम ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अपना पहला मैच 20 फरवरी को बांगलादेश के खिलाफ खेलेगी। इस ICC टूर्नामेंट की शुरुआत 19 फरवरी को कराची में होगी, लेकिन भारत का पहला मैच दुबई में बांगलादेश के खिलाफ होगा। भारतीय टीम को इस मैच में थोड़ी सी बढ़त तो है, लेकिन बांगलादेश की टीम भी पूरी ताकत से जीतने के लिए मैदान में उतरेगी।
इस चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को जसप्रीत बुमराह का साथ नहीं मिलेगा। ऐसे में गेंदबाजी की पूरी जिम्मेदारी मोहम्मद शमी पर होगी, जो हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर चुके हैं। शमी 14 महीने बाद क्रिकेट मैदान पर लौटे हैं और इस महीने इंग्लैंड के खिलाफ T20I सीरीज में उन्होंने वापसी की थी। हालांकि, उनकी वापसी के बाद उनकी गेंदबाजी में वह धार नजर नहीं आई है, जिसके लिए वे जाने जाते हैं।
मोहम्मद शमी को इतिहास रचने का मौका
मोहम्मद शमी को बांगलादेश के खिलाफ मैच में खेलने का पूरा मौका मिल सकता है। ऐसे में फैंस उम्मीद करेंगे कि शमी बेहतर प्रदर्शन करें। इस मैच में शमी का लक्ष्य सचिन तेंदुलकर का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का होगा। दरअसल, शमी बांगलादेश के खिलाफ इतिहास रचने के बहुत करीब हैं। यदि वह पहले मैच में 4 विकेट लेने में सफल होते हैं, तो वह बांगलादेश के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे, और एक झटके में 3 खिलाड़ियों को पीछे छोड़ देंगे, जिनमें सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं।
बांगलादेश के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज
सचिन तेंदुलकर ने बांगलादेश के खिलाफ 12 विकेट लिए हैं। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह और जहीर खान ने भी बांगलादेश के खिलाफ 12-12 विकेट लिए हैं। बांगलादेश के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अजित आगरकर के नाम है। आगरकर ने बांगलादेश के खिलाफ 16 विकेट लिए हैं। वहीं, रविंद्र जडेजा दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने बांगलादेश के खिलाफ 14 विकेट लिए हैं।
अब शमी के पास यह मौका है कि वह बांगलादेश के खिलाफ चार विकेट लेकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लें और सचिन तेंदुलकर, बुमराह और जहीर खान को पीछे छोड़ दें।

बांगलादेश के खिलाफ ODIs में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट
- अजित आगरकर – 16 विकेट
- रविंद्र जडेजा – 14 विकेट
- जसप्रीत बुमराह – 12 विकेट
- जहीर खान – 12 विकेट
- सचिन तेंदुलकर – 12 विकेट
- मोहम्मद शमी – 9 विकेट
- वीरेंद्र सहवाग – 9 विकेट
मोहम्मद शमी का करियर
मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट टीम के एक बेहतरीन और अनुभव वाले गेंदबाज हैं। शमी की तेज गेंदबाजी और स्विंग उनकी ताकत है, जो बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल देती है। उन्होंने कई बड़े मुकाबलों में अपनी गेंदबाजी से भारत को जीत दिलाई है। हालांकि, पिछले कुछ समय से उनकी गेंदबाजी में उतनी धार नजर नहीं आई है, जितनी पहले थी, लेकिन उनका अनुभव और कौशल उन्हें बांगलादेश के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर सकता है।
बांगलादेश के खिलाफ शमी की गेंदबाजी
बांगलादेश के खिलाफ मोहम्मद शमी का रिकॉर्ड अब तक बहुत अच्छा रहा है। उन्होंने बांगलादेश के खिलाफ खेले गए मुकाबलों में 9 विकेट लिए हैं। यदि वह इस मैच में 4 विकेट ले लेते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर और अन्य प्रमुख गेंदबाजों को पीछे छोड़ सकते हैं। इस प्रकार, शमी के पास रिकॉर्ड तोड़ने का एक बेहतरीन अवसर है, जो उनके करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
शमी का दबाव और उम्मीदें
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जैसी बड़ी प्रतियोगिता में शमी पर एक बड़ा दबाव होगा, क्योंकि बुमराह की अनुपस्थिति में पूरी गेंदबाजी की जिम्मेदारी उनकी होगी। शमी के लिए यह प्रतियोगिता एक बड़ा अवसर है, जहां वह अपनी क्षमता को साबित कर सकते हैं और भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दे सकते हैं। भारत के लिए इस टूर्नामेंट में सफलता पाने के लिए शमी की गेंदबाजी महत्वपूर्ण होगी।
इसके अलावा, शमी को यह भी ध्यान में रखना होगा कि बांगलादेश की टीम भी मजबूत है और उन्हें हर मैच में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। बांगलादेश के बल्लेबाजों को अच्छे से जानकर और रणनीतिक तरीके से गेंदबाजी करके ही शमी इस चुनौती को पार कर सकते हैं।
सचिन तेंदुलकर का योगदान
सचिन तेंदुलकर भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारे हैं, और उनका बांगलादेश के खिलाफ रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा है। हालांकि, शमी के लिए यह एक मौका है कि वह सचिन के रिकॉर्ड को पार करें। सचिन तेंदुलकर ने 12 विकेट बांगलादेश के खिलाफ लिए हैं, जो कि शमी के लिए एक बड़ी चुनौती है। शमी यदि यह रिकॉर्ड तोड़ते हैं, तो यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा।
मोहम्मद शमी के पास बांगलादेश के खिलाफ रिकॉर्ड तोड़ने का अच्छा मौका है, और यदि वह इस मौके को सही तरीके से भुनाते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर, बुमराह और जहीर खान को पीछे छोड़ सकते हैं। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय टीम की सफलता के लिए शमी की गेंदबाजी बहुत महत्वपूर्ण होगी, और अगर वह अच्छे प्रदर्शन करते हैं, तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ सकते हैं।