एक हालिया अध्ययन से ग्रीन पिल मिलिपेड (आर्थ्रोस्फेरा ल्यूटेसेंस) की स्वयं-सफाई तंत्र का पता चला है, जो पश्चिमी घाट की स्थानिक प्रजाति है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि मुख्य रूप से पलक्कड़ के इडुक्की और नेलियामपैथी के मुन्नार क्षेत्र में स्थित ये कनखजूरे साफ रहने के लिए प्रसिद्ध ‘कमल प्रभाव’ (कमल के पत्तों की प्राकृतिक स्व-सफाई संपत्ति) के समान एक जैविक तंत्र का उपयोग करते हैं।

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